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Abhinandan की रिहाई में नवजोत सिद्धू का कमाल था – ओमन चांडी

भारतीय सेना के विंग कमांडर Abhinandan Varthaman के वतन वापसी की खुशियों के बीच
 केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan) की रिहाई का श्रेय नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को दिया है. 

जैसा की आप सबको विदित है. IAF विंग कमांडर abhinandan वर्धमान पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों का पीछा करते हुए, पाकिस्तान बोर्डेर में प्रवेश कर गए, जहाँ पर उनका विमान क्रेश हो गया ऐसी सूचना भारतीय मीडिया ने बताई, वही पकिस्तान मीडिया ने कहा की भारतीय विमान को सीमा क्रॉस करने के एवज में मार गिराया. और अभिन्दन पाकिस्तानी सेना के कब्जे में आ गए.

अभिनंदन के पाकिस्तानी कब्जे में आने की खबर खुद पकिस्तान ने दी, उससे पहले भारतीय मीडिया या सरकार की और से ऐसी कोई सूचना नहीं दी गयी. लेकिन जब पकिस्तान की तरफ से बताया गया की भारतीय पायलेट उनके कब्जे में तब जाकर, भारत की और से यह बात बताई गयी की उनका एक लड़ाकू विमान मिग गायब है और उसके साथ पायलेट भी.

abhinandan वापिस नहीं आते तो हो जाता भारत-पाक युद्ध ?

पहले तो भारत और पकिस्तान का दोनों देशो पर हवाई हमले और उसपर भारत और पकिस्तान दोनों तरफ की मीडिया की भड़काओ रिपोर्टिंग, उसके साथ ही भारतीय राजनेताओं के उकसावे वाले बयानों से ऐसा प्रतीत होने लगा था की बस अब भारत-पाक युद्ध शुरू ही होने वाला है. उसपर आग में घी का काम उस खबर ने कर दिया जब भारत को ये पता चला की उनका पायलेट अभिनंदन पकिस्तान के कब्जे में है.

भारत में सबको ये लग रहा था की अब भारतीय पायलेट की वापसी आसान नहीं होगी, भारतीय जनता और मीडिया समाचार चैनलों पर पकिस्तान की क्रूरता और पूर्व में किये गए भारतीय सैनिको के साथ बर्बरता को याद करने लगे. उन्हें लगा की इस बात भी पाकिस्तान पूर्व की तरह भारतीय जवान के साथ अमानवीय व्यवहार करेगा, इसलिए भारतीय सेना की और से पकिस्तान को चेतवानी भी दे दी गयी की कब्जे में लिए गए भारतीय जवान IAF विंग कमांडर abhinandan वर्धमान के साथ यदि कोई अमानवीय व्यव्हार किया गया तो पकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. यानी हर मोड़ पर भारत पकिस्तान से युद्ध करने का मन बना कर बैठा था. लेकिन इमरान खान के रवैये के कारण ऐसा होना संभव नहीं हो पाया. हाँ यह शांति स्थाई ज़रूर है मगर ज़रूरी थी. दोनों ही देशो को लगने लगा था की बस अब युद्ध होने ही वाला है.

इमरान खान ने फैंका त्रुप का पत्ता और खेल ही बदल गया.

भारत-पकिस्तान के बीच युद्ध की जोरदार संभावनाओ के बीच जब पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ऐसी चाल चल डाली की भारतीय मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया की कमाई का जरिया ही ख़त्म कर दिया. इमरान खान ने डिप्लोमेटिक कार्यवाही करते हुए कब्जे में लिए गए भारतीय विंग कमांडर abhinandan को रिहा करने और भारत को सोंपने का ऐलान कर दिया. और इसे शांति के लिए लिया गया कदम बताया. इमरान खान के इस कदम से जहाँ abhinandan की रिहाई का रास्ता साफ़ हुआ और भारत में ख़ुशी की लहर दौड़ गए. वही भारत को छोड़ कर पूरी दुनिया में इमरान खान की बढाई होने लगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और यूनाइटेड नेशन, चीन, तुर्की, रूस ने इमरान खान की इस कार्यवाही और शांति के लीये उठाये गए कदम की सराहना की.

इधर सभी भारतीय अपने जवान की वापसी की खबर खुश हो गए. और होना भी लाज़मी था. देश के लड़ने वाले जवान abhinandan ने अपनी जान पर खेल कर देश की रक्षा करते हुए. पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को वापिस भागने में बड़ा योगदान दिया.

सबसे बड़ा नुक्सान न्यूज़ मीडिया को हुआ

अचानक संभावित युद्ध के रुक जाने से भारत और पकिस्तान दोनों मीडिया में भारी रोष उत्पन्न हो गया, ऐसा प्रतीत हुआ जैसे मीडिया के मुह से किसी ने निवाला छीन लिया हो. अब मीडिया को होने वाला भरी लाभ रुक गया था. अगर युद्ध होता तो दोनों देशो की जनता दिन भर अपने टीवी के सामने बैठी रहती और टीवी चैनल वाले अपने अपने दावे पेश करते रहते और एक दुसरे की बुराइयाँ करते रहते. और अपनी TRP बढ़ा कर महंगे दामो में विज्ञापन दिखाते, जिससे उनके जैबे भरती और युद्ध के खर्च से दोनों देशों को भारी वित्तीय नुक्सान होता रहता. और दोनों देशों के सैनिक मारे जाते जो अलग.

अभिनन्दन की रिहाई में सिद्धू का क्या योगदान है ?

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओमन चंडी ने नवजोत सिंह सिद्धू के प्रयासों की सराहना की | ओमन चांडी (Oommen Chandy) ने अभिनंदन (Abhinandan) का स्वागत करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ”नवजोत सिंह सिद्धू के वास्तविक प्रयासों और पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के सद्भाव के लिए धन्यवाद. मुझे उम्मीद है कि सीमा पर दोनों तरफ शांति बरकरार रहेगी”. ओमन चांडी के इस ट्वीट का जवाब देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने लिखा, ”आपके उत्साहवर्धन से मेरा साहस कई गुना बढ़ गया है. आपके शब्द मुझे निडरतापूर्वक सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा और नैतिक मूल्यों से कभी भी समझौता न करने की ताकत देते हैं”. सिद्धू ने आगे दो लाइनें लिखीं- ‘ उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है, जिंदा हो तो जिंदा नजर आना जरूरी है”.


ज्ञात रहे की नवजोत सिंह सिद्धू और इमरान खान दोनों ही अपने देश के लिए क्रिकेट खेल चुके है. इमरान खान ने तो पकिस्तान को विश्व कप भी दिलवाया है और नवजोत सिंह सिद्धू देश के नामी क्रिकेट रहे है. उसी समय से दोनों की दोस्ती है, और इमरान खान के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में नवजोत सिद्धू ने शिरकत की थी, नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की सराहना करते नहीं थकते हैं. उनकी दोस्ती का असर फ़िलहाल चार रहे गरमागरम माहोल पर भी पड़ता साफ़ दिखाई दे रहा था. शायद इसलिए केरल के पूर्व CM ने इसलिए नवजोत सिद्धू को इस शांति का श्रेय दिया.

उपरोक्त घटनाक्रम में आपकी राय क्या है. कमेंट करें.

उपरोक्त पुलवामा हमले से लेकर abhinandan की वतन वापसी तक होने वाली घटनाक्रमों पर आपकी क्या प्रत्रिक्रिया है निचे कमेंट्स बॉक्स में ज़रूर लिखे,

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